तिरुपति मंदिर भगदड़ की न्यायिक जांच के आदेश
हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज को दी गई जिम्मेदारी
आंध्र प्रदेश सरकार ने तिरुपति मंदिर में हुई भगदड़ की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। राज्य सरकार ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज जस्टिस एम सत्यनारायण मूर्ति को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।
बीती 8 जनवरी को तिरुपति के पद्मावती पार्क में भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में दर्शन के लिए दिए जाने वाले टोकन का इंतजार करते समय भगदड़ मच गई थी, जिसमें 8 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे। टीटीडी के चेयरमैन बीआर नायडू ने इस बारे में शुरुआत में कहा था कि जब अस्वस्थ महसूस कर रही एक महिला की मदद के लिए गेट खोला गया था, तभी भीड़ एक साथ आगे बढ़ गई और अफरा-तफरी मच गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण देर शाम भगदड़ मच गई थी।
8 जनवरी को तिरुपति में बैकुंठ द्वार दर्शन टिकट वितरण केंद्र के पास जब भगदड़ मची थी, उस दौरान करीब 4 हजार भक्त लाइन में लगे थे। टिकट काउंटर पर भगदड़ मचने के बाद 8 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू और पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी ने दुख जताया था। बाद में आंध्र प्रदेश सरकार ने भगदड़ में मरने वाले श्रद्धालुओं के परिजनों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने का एलान किया था। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने घायलों को दो-लाख रुपये की वित्तीय मदद की घोषणा की है।
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