एशियन पैरा गेम्स में भारत का दमदार प्रदर्शन
पदकों की संख्या 90 के पार; 100 मेडल पर नजरें
आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन पांचवें दिन भी जारी रहा। बैडमिंटन, पैरा आर्चरी और एथलेटिक्स में खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए देश की पदक तालिका को और मजबूत किया। स्वर्ण और रजत पदकों की उपलब्धियों के साथ भारत के कुल पदकों की संख्या 90 के पार पहुंच गई है। लगातार मिल रही सफलताओं से भारतीय दल का उत्साह बढ़ा है। अब खिलाड़ियों की निगाहें पदकों का शतक पूरा करने पर टिकी हैं। प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ी विभिन्न स्पर्धाओं में चुनौती पेश करते हुए देश के लिए पदक जीतने की कोशिश कर रहे हैं।
बैडमिंटन में भारत को दोहरी सफलता मिली। पुरुष सिंगल्स के SL3 वर्ग के फाइनल में नितेश कुमार ने अपने ही देश के प्रमोद भगत को 21-18, 21-16 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इस मुकाबले में प्रमोद को रजत पदक मिला, जिससे इस स्पर्धा में पहला और दूसरा स्थान भारतीय खिलाड़ियों के नाम रहा। वहीं, महिला सिंगल्स के SU5 वर्ग के फाइनल में थुलसिमथी मुरुगेसन ने संघर्षपूर्ण प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया। बैडमिंटन कोर्ट पर मिली इन उपलब्धियों ने भारतीय अभियान को मजबूती दी और पदक तालिका में देश की स्थिति बेहतर करने में योगदान दिया।
पैरा आर्चरी में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। पुरुष रिकर्व टीम स्पर्धा में हरविंदर सिंह और विजय सुंडी की जोड़ी ने चीन को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। मुकाबले के शुरुआती सेट में बराबरी रहने के बाद भारतीय तीरंदाजों ने अगले दोनों सेट जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित की। दूसरी ओर, महिला रिकर्व डबल्स के फाइनल में पूजा जत्यान और भावना चौधरी की जोड़ी को चीन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। भारतीय जोड़ी ने रजत पदक हासिल किया। इस तरह तीरंदाजी में भी भारत ने स्वर्ण और रजत पदकों के साथ अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।
एथलेटिक्स में पुरुषों की 1500 मीटर T46 स्पर्धा में प्रमोद ने रजत पदक जीतकर भारत के खाते में एक और उपलब्धि जोड़ी। उन्होंने पिछले हांगझू एशियन पैरा गेम्स में किए गए प्रदर्शन को दोहराया। प्रतियोगिता के पांचवें दिन विभिन्न खेलों में मिले पदकों से भारतीय दल की कुल संख्या 90 के पार पहुंच गई है। अब देश को अपने खिलाड़ियों से पदकों का शतक पूरा करने की उम्मीद है। लगातार बेहतर प्रदर्शन के बीच भारतीय खिलाड़ियों का लक्ष्य अधिक से अधिक पदक जीतना और पिछले संस्करण के कुल 106 पदकों के रिकॉर्ड को चुनौती देना है। आने वाले मुकाबलों में भारत की नजरें स्वर्ण पदकों की संख्या बढ़ाने के साथ समग्र पदक तालिका में अपनी स्थिति और मजबूत करने पर रहेंगी।
देश
दुनिया
मनोरंजन
खेल
छत्तीसगढ
हरियाणा
दिल्ली
धार्मिक
व्यापार
टेक & ऑटो
शिक्षा
स्वास्थ्य
आंध्र प्रदेश
तेलंगाना
सिक्किम
ओड़िशा
झारखंड
असम
नागालैण्ड