हिमाचल प्रदेश में तीन विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव हो रहे हैं. उपचुनाव में वोटिंग 10 जुलाई को होगी और इसके नतीजे 13 जुलाई को आएंगे. इससे पहले भारतीय जनता पार्टी ने बगावत करने वाले अपने नेता पर बड़ी कार्रवाई की है. भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने हरप्रीत सिंह सैनी को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है. 

हरप्रीत सिंह सैनी छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित हुए हैं. वे नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र में भारतीय नेता पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी कृष्ण लाल ठाकुर के खिलाफ चुनाव लड़ रहे थे. हरप्रीत सिंह सैनी भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश में मीडिया प्रभारी के पद पर भी थे. सैनी को पार्टी ने पहले निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नाम वापस लेने के लिए कहा, लेकिन सैनी नहीं माने. अब पार्टी ने उन्हें बाहर जाने का रास्ता दिखा दिया है.

कांग्रेस और भाजपा के बीच मुख्य मुकाबला
नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र में होने जा रहे उपचुनाव में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच ही है. यहां भाजपा के कृष्ण लाल ठाकुर कांग्रेस के हरदीप सिंह बावा के सामने चुनावी ताल ठोक रहे हैं. नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र में कुल पांच प्रत्याशी चुनावी रण में है. 22 मार्च को कृष्ण लाल ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा से निर्दलीय विधायक के तौर पर इस्तीफा दिया था. 3 जून को यह इस्तीफा स्वीकार हुआ. इस्तीफा स्वीकार होने के बाद यहां उपचुनाव हो रहा है. नालागढ़ के अलावा हमीरपुर और देहरा विधानसभा क्षेत्र में भी उपचुनाव हो रहे हैं.

नालागढ़ में 93 हजार 831 मतदाता
नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र में 93 हजार 831 मतदाता हैं. यहां सेवा अर्हता मतदाताओं की संख्या 924 है. 10 जुलाई को वोटिंग के लिए यहां 121 पोलिंग बूथ तैयार किए गए हैं. तीनों विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव संपन्न होने के बाद विधानसभा में सदस्यों की संख्या पूरी हो जाएगी. हिमाचल प्रदेश में सदस्यों की कुल संख्या 68 है. मौजूदा वक्त में राज्य विधानसभा में सदस्यों की संख्या 65 है. इनमें कांग्रेस के 38 और बीजेपी के 27 विधायक हैं.