12 सीटों पर आपस में लड़ रहे महागठबंधन के नेता
जानें यहां 2020 में कौन जीता था, अब किसका पलड़ा भारी?
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मतदान की तारीख पास आ चुकी है। यहां 12 सीटें ऐसी हैं, जहां महागठबंधन के उम्मीदवार एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। अहम बात यह है कि इन 12 सीटों में सिर्फ तीन ऐसी हैं, जहां 2020 में महागठबंधन के घटक दलों को जीत मिली थी। दो सीटें (राजपाकर और करगहर) कांग्रेस के खाते में गई थीं। वहीं, एक सीट गोड़ा बौराम में वीआईपी की जीत हुई थी। अन्य सभी सीटें एनडीए गठबंधन में शामिल दलों में जीती थी। एक सीट पर बहुजन समाज पार्टी की भी जीत हुई थी, लेकिन उनके नेता इस बार एनडीए गठबंधन का हिस्सा हैं और जेडीयू के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।
यहां हम जानने के कोशिश करेंगे कि इस बार जिन 12 सीटों पर महागठबंधन में आपसी लड़ाई है, वहां किसका पलड़ा भारी है।
|
विधानसभा सीट |
IND कैंडिडेट 1 |
IND कैंडिडेट 2 |
NDA कैंडिडेट |
2020 के नतीजे |
|
कहलगांव |
रजनीश कुमार (RJD) |
प्रवीण कुशवाहा (Cong) |
शुभानन्द मुकेश (JDU) |
पवन कुमार यादव (BJP) |
|
गौड़ाबौराम |
संतोष सहनी (VIP) |
अफजल अली खान (RJD) |
सुजीत कुमार (BJP) |
स्वर्ण सिंह (VIP) |
|
बिहारशरीफ |
शिव कुमार यादव (CPI) |
उमैर खान (Cong) |
डॉ सुनील (BJP) |
सुनील कुमार (BJP) |
|
राजपाकर |
मोहित पासवान (CPI) |
प्रतिमा कुमारी (Cong) |
महेंद्र राम (JDU) |
प्रतिमा कुमारी (Cong) |
|
वैशाली |
संजीव कुमार सिंह (Cong) |
अजय कुशवाहा (RJD) |
सिद्धार्थ पटेल (JDU) |
सिद्धार्थ पटेल (JDU) |
|
नरकटियागंज |
दीपक यादव (RJD) |
सास्वत केदार (Cong) |
संजय कुमार पाण्डेय (BJP) |
रश्मि वर्मा (BJP) |
|
चैनपुर |
गोविंद बिन्द (VIP) |
बृजकिशोर बिन्द (RJD) |
मोहम्मद जमा खान (JDU) |
मोहम्मद जमा खान (BSP) |
|
बेलदौर |
तनिषा भारती (IIP) |
मिथिलेश कुमार निषाद (Cong) |
पन्ना लाल सिंह पटेल (JDU) |
पन्नालाल सिंह पटेल (JDU) |
|
करगहर |
महेंद्र गुप्ता (CPI) |
संतोष मिश्रा (Cong) |
वशिस्ठ सिंह (JDU) |
संतोष मिश्रा (Cong) |
|
सिकंदरा |
उदय नारायण चौधरी (RJD) |
विनोद कुमार चौधरी (Cong) |
प्रफुल कुमार मांझी (HAM) |
प्रफुल कुमार मांझी (HAM) |
|
सुल्तानगंज |
चन्दन कुमार (RJD) |
ललन कुमार (Cong) |
ललित नारायण मंडल (JDU) |
ललित नारायण मंडल (JDU) |
|
बछवारा |
अवधेश कुमार राय (CPI) |
शिव प्रकाश गरीब दास (Cong) |
सुरेंद्र मेहता बीजेपी (BJP) |
सुरेंद्र मेहता (BJP) |
कहां किसका पलड़ा भारी?
कहलगांव: एनडीए का पलड़ा भारी। यादव-मुस्लिम वोट महागठबंधन में बंट रहा है। फ्रेंडली फाइट से एनडीए को फायदा।
गौड़ाबौराम: बीजेपी मजबूत। आरजेडी और वीआईपी की लड़ाई का फायदा एनडीए को मिलेगा। कुर्मी और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के वोटबैंक पर पकड़ मजबूत।
बिहारशरीफ: एनडीए 50-55% आगे। कांग्रेस और सीपीआई फाइट से महागठबंधन कमजोर। राजपूत-ब्राह्मण वोट एनडीए के साथ।
राजपाकर: जेडीयू मजबूत। कांग्रेस और सीपीआई की लड़ाई से एनडीए को फायदा। आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग और दलित वोटबैंक का फायदा मिलेगा।
वैशाली: एनडीए गठबंधन के लिए लड़ाई मुश्किल, लेकिन आरजेडी और कांग्रेस के आमने-सामने होने से जेडीयू को फायदा मिलेगा। कुशवाहा और ब्राह्मण वोट भी एनडीए को मिलेंगे।
नरकटियागंज: बीजेपी के जीतने की 52% संभावना। आरजेडी और कांग्रेस की लड़ाई से महागठबंधन कमजोर। ठाकुर-मुस्लिम समीकरण एनडीए के पक्ष में।
चैनपुर: जनसुराज और एनडीए के बीच कांटे की टक्कर। आरजेडी और वीआईपी की लड़ाई से जनसुराज को फायदा। ईबीसी वोट बंट सकता है।
बेलदौर: महागठबंधन (कांग्रेस) मजबूत लेकिन एनडीए से कड़ी टक्कर मिलने की संभावना। प्रियंका की रैली का प्रभाव। यादव-कुशवाहा वोट मिलने के आसार।
करगहर: जनसुराज के जीतने की संभावना मजबूत। कांग्रेस और सीपीआई की लड़ाई से जनसुराज को फायदा मिलता दिख रहा है। कुशवाहा वोट बंटा।
सिकंदरा: एनडीए 55% आगे। आरजेडी और कांग्रेस की लड़ाई से वोटबैंक छिटका। राजपूत-मुस्लिम वोट एनडीए के पक्ष में।
सुल्तानगंज: जेडीयू मजबूत। आरजेडी और कांग्रेस की लड़ाई से एनडीए को फायदा। धार्मिक पर्यटन का मुद्दा एनडीए के पक्ष में।
बछवारा: एनडीए और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर। प्रियंका का प्रभाव सीमित और सीपीआई के साथ लड़ाई से बीजेपी को फायदा मिल सकता है।
देश
दुनिया
मनोरंजन
खेल
छत्तीसगढ
हरियाणा
दिल्ली
धार्मिक
व्यापार
टेक & ऑटो
शिक्षा
स्वास्थ्य
आंध्र प्रदेश
तेलंगाना
सिक्किम
ओड़िशा
झारखंड
असम
नागालैण्ड