रायपुर, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के विरोध में आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने पूरे देश में जोरदार प्रदर्शन किया। इसी क्रम में रायपुर के सड्डू चौक में एबीवीपी रायपुर उत्तर द्वारा मशाल जलाकर आक्रोश व्यक्त किया गया।
यह विरोध प्रदर्शन एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी के आव्हान पर किया गया, जिसमें रायपुर उत्तर भाग के सह मंत्री संकल्प राजकमल के नेतृत्व में सैकड़ों छात्र-छात्राएं, एबीवीपी कार्यकर्ता और आम नागरिक शाम 7:30 बजे सड्डू चौक पर एकत्रित हुए।
इस दुख और आक्रोश की घड़ी में रायपुर उत्तर भाग सह मंत्री संकल्प राजकमल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 
"भारत की भूमि पर आतंकवाद के लिए कोई स्थान नहीं है। जो लोग हमारे जवानों पर हमला करते हैं, वे इस देश की सहनशीलता को उसकी कमजोरी समझने की भूल न करें। विद्यार्थी परिषद हर मोर्चे पर राष्ट्र के साथ खड़ी है। आज का यह प्रदर्शन आतंकियों और उनके आंकाओं के लिये चेतावनी है । उन्होंने सरकार से कठोरतम कार्रवाई उठाने और आतंकवाद की जड़ों को पूरी तरह समाप्त करने का आव्हान किया । 
उन्होंने कहा कि यह केवल विरोध नहीं, एक संकल्प है—राष्ट्र की रक्षा के लिए, उसकी अस्मिता के लिए, और हर उस आतंकी सोच के विरुद्ध, जो भारत को बाँटना चाहती है।

रायपुर की धरती से उठी यह मशाल केवल सड्डू चौक तक सीमित नहीं है, यह चेतावनी है उन तमाम ताकतों को, जो बार-बार भारत की सहनशीलता की परीक्षा लेते हैं। आज का पुतला-दहन प्रतीक है उस ज्वाला का, जो हर छात्र, हर नागरिक के भीतर जल रही है—कि अब हम चुप नहीं रहेंगे। 
अब देशविरोधी मानसिकता को न केवल शब्दों से, बल्कि चेतना और कर्म से जवाब मिलेगा।

महानगर सह मंत्री सुजल गुप्ता ने कहा –
"आज जब देश संकट में है, तब विद्यार्थी परिषद सरकार के साथ खड़ी है। हम मांग करते हैं कि सरकार आतंकियों को जड़ से खत्म करे और उन्हें ऐसा सबक सिखाए कि भविष्य में कोई भी भारत की ओर आंख उठाकर देखने की हिम्मत न कर सके।"

अंत में, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में जिन निर्दोष नागरिकों और जवानों की हत्या हुई है, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करती है और उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है। साथ ही हम घायल लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करते हैं। छत्तीसगढ़ रायपुर के व्यापारी दिनेश मिरानिया के परिवारजनों के प्रति भी एबीवीपी गहरी संवेदना प्रकट करती है।

विद्यार्थी परिषद का यह बिगुल इस बात का संकेत है कि भारत का युवा अब केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगा—वह सीमा पर, सड़क पर और संसद के स्वरों तक राष्ट्र की गरिमा का प्रहरी बनेगा।

क्योंकि जब तक एक भी भारतीय जीवित है, भारत पर आँच नहीं आने देंगे।